होली की शुभकामनायें!


धरती है लाल आज अम्बर है लाल, उड़ने दे गोरी गालों का गुलाल
(फ़िल्म नवरंग से एक प्रसिद्ध होली गीत)




शब्दों का जंजाल बड़ा लफ़ड़ा होता है
कवि सम्मेलन दोस्त बड़ा झगड़ा होता है
मुशायरों के सेरों पर रगड़ा होता है
पैसे वाला शेर बड़ा तगड़ा होता है
(फ़िल्म नवरंग से एक हास्य गीत)


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5 comments:

  1. Maheshwari kaneri Says:

    बहुत सुन्दर सदा्बहार गीत..

  2. प्रसन्न वदन चतुर्वेदी Says:

    बहुत सुंदर प्रस्तुति...बहुत बहुत बधाई...

  3. अभिषेक प्रसाद 'अवि' Says:

    naam ne is blog pe aane ke liye majboor kiya... dono gaane to sadabahaar hai hi... par lambe waqt se aapne ismein kuchh naya nahi joda hai..

  4. Benol Smile Says: इस टिप्पणी को एक ब्लॉग व्यवस्थापक द्वारा हटा दिया गया है.
  5. Vinay Prajapati Says:

    श्री कृष्ण जन्माष्टमी की शुभकामनाएँ

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