ऑनलाइन हिन्दी कवि सम्मेलन सुनिए

नमस्कार!

हिंद युग्म की भगिनी संस्था आवाज़ पर हर महीने के अन्तिम रविवार को एक ऑनलाइन कवि सम्मेलन का आयोजन होता है जिसमें दुनिया भर के कवि अपनी हिन्दी कविताओं का पाठ करते हैं। पहले अंक के संचालक ऑस्ट्रेलिया से श्री हरिहर झा थे। जबकि दूसरे से छठे अंक तक इस ऑनलाइन आयोजन का संचालन किया है हैरिसबर्ग, अमेरिका से डॉक्टर मृदुल कीर्ति ने।

इस बार का कवि सम्मलेन कई मायनों में अनूठा है. फरवरी माह के इस कवि सम्मलेन के माध्यम से हम श्रद्धांजलि दे रहे हैं महान कवयित्री और स्वतन्त्रता सेनानी सुभद्रा कुमारी चौहान को जिनकी पुण्यतिथि १५ फरवरी को होती है। इसके साथ ही यह मौसम है वसंत का। ऐसे वासंती समय में हमने इस कवि सम्मलेन में चुना है छः कवियों को, दो महाद्वीपों से, चार भावों को लेकर। साथ ही आगे रहने की अपनी परम्परा का निर्वाह करते हुए इस बार हम लेकर आए हैं अनुराग शर्मा के सद्य-प्रकाशित काव्य संकलन "पतझड़ सावन वसंत बहार" में से कुछ चुनी हुई कवितायें। तो आईये आनंद लेते हैं चार मौसमों का इस बार के कवि सम्मलेन के माध्यम से। इन सुमधुर रचनाओं का आनंद उठाईये।


आप भी इस कवि सम्मेलन में भाग ले सकते हैं। आपको बस इतना करना है की अपनी स्वरचित कविता अपनी ही आवाज़ में रिकॉर्ड करके उसे ईमेल podcast.hindyugm@gmail.com पर भेजें। कवितायें भेजते समय कृपया ध्यान रखें कि वे १२८ kbps स्टीरेओ mp3 फॉर्मेट में हों और पृष्ठभूमि में कोई संगीत न हो।

रिकॉर्डिंग करना कोई बहुत मुश्किल काम नहीं है। हिन्द-युग्म पर इस बारे में एक एक पोस्ट रखी है, जिसकी मदद से आप सहज ही रिकॉर्डिंग कर सकेंगे। अधिक जानकारी के लिए कृपया यहाँ देखें।

पुराने अंक सुनने के लिए कृपया नीचे के लिंक क्लिक करें:
फरवरी अंक (फरवरी २००९ Kavi Sammelan)
सातवाँ अंक (जनवरी २००९)
छठा अंक (दिसम्बर २००८)
पाँचवाँ अंक (नवम्बर २००८)
चौथा अंक (अक्टूबर २००८)
तीसरा अंक (सितम्बर २००८)
दूसरा अंक (अगस्त २००८)
पहला अंक (जुलाई २००८)

आवाज़ पर डॉक्टर मृदुल कीर्ति का साक्षात्कार पढने के लिए यहाँ क्लिक कीजिये।


आपके सुझावों का स्वागत है।

19 comments:

  1. राज भाटिय़ा Says:

    बहुत सुंदर कर रहे है आप. इस से जो कलाकार छुपे है आम लोगो की निगाहो से, वो चमकेगे.
    धन्यवाद

  2. MUFLIS Says:

    may be, i am not in a position to be a part of that captivating "kavi.sameelan",
    but i extend my heart.felt good-wishes and cangratulations...
    huzoor ! kuchh lafz aapki paarkhi nazaroN ka shiddat se intzaar kr rahe haiN...pleeeeaaaase...!!

  3. Dev Says:

    Bhut achchhi jankari ke liye dhanyvad....

  4. Amit Says:

    bahut accha prayaas hai aapka....

  5. 'Yuva' Says:

    Very nice.
    आपकी रचनाधर्मिता का कायल हूँ. कभी हमारे सामूहिक प्रयास 'युवा' को भी देखें और अपनी प्रतिक्रिया देकर हमें प्रोत्साहित करें !!

  6. विनय Says:

    बहुत ख़ूब

    ---
    आप भारत का गौरव तिरंगा गणतंत्र दिवस के अवसर पर अपने ब्लॉग पर लगाना अवश्य पसंद करेगे, जाने कैसे?
    तकनीक दृष्टा/Tech Prevue

  7. Irshad Says:

    आपका मेरी नई पोस्ट पर स्वागत है
    जितेन्द्र चौधरी जैसा सर्मपण कहां से लाए

  8. विनय Says:

    ज़रूर पढ़ें: हिन्द-युग्म: आनन्द बक्षी पर विशेष लेख

  9. Nirmla Kapila Says:

    bahut badiyaa paryaas haiasha hai kabhi hame bhi avsar milega bahut bahut shukria n bdhaai

  10. Aaj ka pahad.. Says:

    badiya paryaas hai sampooran safalta abhi door hai....parisharm jaaree rakho

    awashya dekhen

    http://www.aajkapahad.blogspot.com/

  11. Dev Says:

    Koi naya article aap ka nahi aa raha hai kya ?
    Aap ke naye rachana ke intajar me...
    Regards

  12. varsha Says:

    aapka shukritya.

  13. Dev Says:

    आपको और आपके पुरे परिवार को वैशाखी की हार्दिक शुभ कामना !

  14. BrijmohanShrivastava Says:

    मुझे आज अपने पर शर्म आई /मै अपने आप को साहित्यकार समझता हूँ (सिर्फ मैं )और मुझे कालजयी रचनाओं की रचयितासुभद्रा कुमारी चौहान की न जन्म तिथि याद है न पुण्य तिथि / बचपन में कोर्स में कविता पढी थी 'खूब लड़ी मर्दानी वो तो झांसी वाली रानी थी 'एक बार जब पूरी कविता पढी तो लगा कोर्स में जो कविता दी गई थी उसमे कुछ अंश (पंक्तियाँ )कम कर दी थी ऐसा क्यों हुआ होगा यह तो आप बेहतर जानते होंगे /क्या उस अंश जो किसी घराने से ताल्लुक रखता था उसको कम किया जाना ऐसा नहीं हो गया जैसे किसी ब्लोगर ने किसी की टिप्पणी मोडरेट करदी हो /खैर यह सब तो चलता रहता है 'किस किस को याद कीजिए किस किस को रोइए ,आप एक सराहनीय कार्य कर रहे है

  15. Science Bloggers Association Says:

    Is shaandar aayojan ke liye badhaayi.

    -Zakir Ali ‘Rajnish’
    { Secretary-TSALIIM & SBAI }

  16. प्रसन्न वदन चतुर्वेदी Says:

    आप एक सराहनीय कार्य कर रहे है...बहुत बहुत बधाई....

  17. लता 'हया' Says:

    not at all.
    aap bhi hindi ke liye bahut accha prayas kar rahe hain shak to isme bhi nahin hai.
    congs and thanks for visiting my blog.

  18. kshama Says:

    प्रभाव शाली लेखन है ॥!

    हम सभी, साथ हैं...मै हूँ ,एक अदना -सी व्यक्ती..

    दिलों में बसी आशंकित भावना छोड़ एक ही सुर में कहें," मेरी जान रहे न रहे,
    मेरी माता के सरपे ताज रहे..

  19. विनय ‘नज़र’ Says:

    इस जानकारी के लिए आपका आभारी हूँ
    ---
    तकनीक दृष्टा