स्वाधीनता दिवस पर बधाई!
Posted On शुक्रवार, 15 अगस्त 2014 at by Smart Indian
भारत हमको जान से प्यारा है, सबसे न्यारा गुलिस्तां हमारा है
सदियों से भारत भूमि दुनिया की शान है
भारत माँ की रक्षा में जीवन क़ुर्बान है
भारत हमको जान से प्यारा है
उजड़े नहीं अपना चमन, टूटे नहीं अपना वतन
दुनिया धर धरती कोरी, बरबाद ना करदे कोई
मन्दिर यहाँ, मस्जिद वहाँ, हिन्दू यहाँ मुस्लिम वहाँ
मिलते रहे हम प्यार से
जागो
हिन्दुस्तानी नाम हमारा है, सबसे प्यारा देश हमारा है
जन्मभूमि है हमारी शान से कहेंगे हम
सब ही तो भाई-भाई प्यार से रहेंगे हम
हिन्दुस्तानी नाम हमारा है
आसाम से गुजरात तक, बंगाल से महाराष्ट्र तक
झनकी सही गुन एक है, भाषा अलग सुर एक है
कश्मीर से मद्रास तक, कह दो सभी हम एक हैं
आवाज़ दो हम एक हैं
जागो!
सदियों से भारत भूमि दुनिया की शान है
भारत माँ की रक्षा में जीवन क़ुर्बान है
भारत हमको जान से प्यारा है
उजड़े नहीं अपना चमन, टूटे नहीं अपना वतन
दुनिया धर धरती कोरी, बरबाद ना करदे कोई
मन्दिर यहाँ, मस्जिद वहाँ, हिन्दू यहाँ मुस्लिम वहाँ
मिलते रहे हम प्यार से
जागो
हिन्दुस्तानी नाम हमारा है, सबसे प्यारा देश हमारा है
जन्मभूमि है हमारी शान से कहेंगे हम
सब ही तो भाई-भाई प्यार से रहेंगे हम
हिन्दुस्तानी नाम हमारा है
आसाम से गुजरात तक, बंगाल से महाराष्ट्र तक
झनकी सही गुन एक है, भाषा अलग सुर एक है
कश्मीर से मद्रास तक, कह दो सभी हम एक हैं
आवाज़ दो हम एक हैं
जागो!
भगवान तुझे मैं खत लिखता [संगीतकार के स्वर में 8]
Posted On बुधवार, 7 मई 2014 at by Smart Indian
संगीतकारों द्वारा गाये गये मधुर गीतों की शृंखला में आइये आज हम सुनते हैं राजा महदी अली खान की कलम से निकला दार्शनिक गीत, "भगवान तुझे मैं खत लिखता"। आज का गीत "भगवान तुझे मैं खत लिखता" लिया गया है "मनचला" फिल्म से। 1953 में रिलीज़ हुई यह फिल्म जयंत देसाई के निर्देशन में बनी थी, संगीत दिया था प्रसिद्ध संगीत-निर्देशक चित्रगुप्त ने।
भगवान तुझे मैं खत लिखता
गीत: राजा महदी अली खाँ
स्वर और संगीत: चित्रगुप्त
फिल्म: मनचला (1953)
भगवान तुझे मैं खत लिखता, पर तेरा पता मालूम नहीं
भगवान तुझे मैं खत लिखता, पर तेरा पता मालूम नहीं
रो रो लिखता, हो रो रो लिखता जग की विपदा पर तेरा पता मालूम नहीं
भगवान तुझे मैं खत लिखता ...
तुझे बुरा लगे या भला लगे तेरी दुनिया अपने को जमी नहीं
तुझे बुरा लगे या भला लगे तेरी दुनिया अपने को जमी नहीं
कुछ कहते हुए डर लगता है, यहाँ कुत्तों की कुछ कमी नहीं
मालिक तुझे सब समझाता पर तेरा पता, पर तेरा पता मालूम नहीं
भगवान तुझे मैं खत लिखता ...
मेरे सर पे दुखों की गठरी है
मेरे सर पे दुखों की गठरी है रातों को नहीं मैं सोता हूँ
कहीं जाग उठें न पड़ोसी इसलिए ज़ोर से मैं नहीं रोता हूँ
तेरे सामने बैठ के मैं रोता, पर तेरा पता, पर तेरा पता मालूम नहीं
भगवान तुझे मैं खत लिखता, पर तेरा पता मालूम नहीं
कुछ कहूँ तो दुनिया कहती है, आँसू न बहा, बकवास न कर
बकवास न कर, बकवास न कर
ऐसी दुनिया में मुझे रखके मालिक मेरा सत्यानास न कर, मालिक मेरा सत्यानास न कर
तेरे पास मैं खुद ही अ जाता, पर तेरा पता, पर तेरा पता मालूम नहीं
भगवान तुझे मैं खत लिखता, पर तेरा पता मालूम नहीं
==================
सम्बंधित कड़ियाँ:
==================
1. रूठ के हमसे कहीं - जतिन पंडित
2. पास रहकर भी कोई - जतिन पंडित
3. किस्मत के खेल निराले - रवि
4. हारे भी तो बाज़ी हाथ नहीं
5. प्यार चाहिए - बप्पी लाहिड़ी
6. तुझे मैं ले के चलूँ - किशोर कुमार
7. जीवन क्या है - एम एम कीरवानी
श्रद्धांजलि सुचित्रा सेन
Posted On मंगलवार, 21 जनवरी 2014 at by Smart Indian
सुचित्रा सेन उर्फ रमा दासगुप्ता (6 अप्रैल 1931 – 17 जनवरी 2014)
जा रे जा रे ओ माखनचोर
गीत: राजेन्द्र कृष्ण; संगीत: हेमंत कुमार
स्वर: लता मंगेशकर, मुहम्मद रफी; फिल्म: चम्पाकली (1957)
जा रे जा रे ओ माखनचोर
गीत: राजेन्द्र कृष्ण; संगीत: हेमंत कुमार
स्वर: लता मंगेशकर, मुहम्मद रफी; फिल्म: चम्पाकली (1957)
