हरिशंकर परसाई - ऑडियो
Posted On शनिवार, 22 अगस्त 2015 at by Smart Indianमेरी जन्म-तारीख 22 अगस्त 1924 छपती है। यह भूल है। तारीख ठीक है। सन् गलत है। सही सन् 1922 है। ~ हरिशंकर परसाई
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| (22 अगस्त 1922 :: 10 अगस्त 1955) |
हरिशंकर परसाई ने 18 वर्ष की उम्र में जंगल विभाग में नौकरी आरंभ की। उसके बाद अल्पकाल के लिए खंडवा में अध्यापक कार्य किया। सन् 1941 से 1943 तक जबलपुर में स्पेस ट्रेनिंग कालेज में और 1943 से 1952 तक जबलपुर के मॉडल हाई स्कूल में अध्यापन कार्य किया। 1953 से 1957 तक निजी विद्यालयों में पढ़ाने के बाद स्वतंत्र लेखक बने। जबलपुर से 'वसुधा' नाम की साहित्यिक मासिकी निकाली, नई दुनिया में 'सुनो भई साधो', नई कहानियों में 'पाँचवाँ कॉलम', और 'उलझी-उलझी' तथा कल्पना में 'और अन्त में' इत्यादि के अतिरिक्त व्यंग्य, कहानियाँ, उपन्यास एवं निबंध लेखन किया। उनके व्यंग्य हमारे बीच पनप रही सामाजिक विसंगतियों को बेबाकी से सामने रखती है। सामाजिक, राजनीतिक, धार्मिक जीवन का शायद ही कोई क्षेत्र ऐसा रहा हो जो उनके व्यंग्य की दृष्टि से बच निकला हो। साहित्यिक जटिलता से मुक्त, उनकी भाषा वर्तमान समय के आम हिन्दी समाचार-पत्र पाठक की भाषा है।
* प्रकाशित रचनाएँ *रेडियो प्लेबैक इंडिया पर हिन्दी के प्रसिद्ध साहित्यकारों की रचनाओं के ऑडियो बनाने के सिलसिले में हमने समय-समय पर उनकी रचनाओं को भी सम्मिलित किया है जिनमें से कुछ यहाँ सूचीबद्ध हैं:
सम्पादन: वसुधा (मासिक)
कथा-संग्रह: हँसते हैं रोते हैं, जैसे उनके दिन फिरे
लेख संग्रह: तब की बात और थी, भूत के पाँव पीछे, बेइमानी की परत, वैष्णव की फिसलन, पगडंडियों का जमाना, शिकायत मुझे भी है, सदाचार का ताबीज, विकलांग श्रद्धा का दौर, तुलसीदास चंदन घिसैं, हम एक उम्र से वाकिफ हैं
उपन्यास: रानी नागफनी की कहानी, तट की खोज
सुशीला (अर्चना चावजी)
ठिठुरता गणतन्त्र (अर्चना चावजी)
चौबे जी (अर्चना चावजी)
बाप बदल (अर्चना चावजी)
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एक मध्यमवर्गीय कुत्ता (देवेंद्र पाठक)
टॉर्च बेचने वाले (अमित तिवारी)
बोर (नितिन व्यास)
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ढपोलशंख मास्टर (अनुराग शर्मा)
चार बेटे (अनुराग शर्मा)
खेती (अनुराग शर्मा)
मुंडन (अनुराग शर्मा)
उखड़े खंभे (अनुराग शर्मा)
अश्लील (अनुराग शर्मा)
डिप्टी कलेक्टर (अनुराग शर्मा)
नया साल (अनुराग शर्मा)
ग्रीटिंग कार्ड और राशन कार्ड (अनुराग शर्मा)
बदचलन (अनुराग शर्मा)
अशुद्ध बेवक़ूफ़ (अनुराग शर्मा)
बेचारा भला आदमी (अनुराग शर्मा)
अपील का जादू (अनुराग शर्मा)
यस सर (अनुराग शर्मा)
बाबू की बदली (अनुराग शर्मा)
मुंशी प्रेमचंद के जन्म दिन पर उनकी कालजयी रचनाओं के ऑडियो क्लिप्स
Posted On बुधवार, 31 जुलाई 2013 at by Smart Indian![]() |
| (31 जुलाई 1880 - 8 अक्तूबर 1936) |
मैं पिछले लगभग पाँच वर्षों से इन्टरनेट पर देवनागरी लिपि में उपलब्ध हिन्दी (उर्दू एवं अन्य रूप भी) की मौलिक व अनूदित कहानियों के ऑडियो बनाने से जुड़ा रहा हूँ। विभिन्न वाचकों द्वारा "सुनो कहानी" और "बोलती कहानियाँ" शृंखलाओं के अंतर्गत पढ़ी गई कहानियों में से अनेक कहानियाँ मुंशी प्रेमचंद की हैं। आप उनकी कालजयी रचनाओं को घर बैठे अपने कम्प्युटर या चल उपकरणों पर सुन सकते हैं। कुछ ऑडियो कथाओं के लिंक इसी ब्लॉग की एक पिछली पोस्ट में यहाँ संकलित किए गए थे। कुछ अन्य चुनिन्दा लिंक अब प्रस्तुत हैं। बाद में समय मिलने पर अन्य लिंक भी लगाता रहूँगा।
निर्वासन (अर्चना चावजी और अनुराग शर्मा)
आत्म-संगीत (शोभा महेन्द्रू और अनुराग शर्मा)
अग्नि समाधि (माधवी चारुदत्ता)
बूढ़ी काकी (नीलम मिश्रा)
ठाकुर का कुआँ (डॉ. मृदुल कीर्ति)
झांकी (अनुराग शर्मा)
दूसरी शादी (अनुराग शर्मा)
बांका जमींदार (अनुराग शर्मा)
अमृत (अनुराग शर्मा)
घरजमाई (अनुराग शर्मा)
बोहनी (अनुराग शर्मा)
इस्तीफा (अनुराग शर्मा)
शादी की वजह (अनुराग शर्मा)
अनाथ लड़की (अनुराग शर्मा)
नमक का दरोगा (अनुराग शर्मा)
प्रेरणा (अंजू महेंद्रू, शिवानी सिंह व अनुराग शर्मा)
वरदान (अनुराग शर्मा)
आधार (अनुराग शर्मा)
समस्या (अनुराग शर्मा)
कौशल (अनुराग शर्मा)
उद्धार (अनुराग शर्मा)
वैराग्य (अनुराग शर्मा)
सभ्यता का रहस्य (अनुराग शर्मा)
पर्वत-यात्रा (अनुराग शर्मा)
अंधेर (अनुराग शर्मा)
अपनी करनी (अनुराग शर्मा)
ईदगाह (अनुराग शर्मा)
क़ातिल (अनुराग शर्मा)
सवा सेर गेंहूँ (अनुराग शर्मा)
शंखनाद (अनुराग शर्मा)
ज्योति (अनुराग शर्मा
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आवाज़ पर प्रेमचंद की कालजयी रचनाएं - ऑडियो
Posted On बुधवार, 2 जनवरी 2008 at by Smart Indianकोई विरला ही होगा जो मुंशी प्रेमचंद का नाम न जानता हो। हिन्दी साहित्य जगत में वे एक चमकते सूर्य की तरह हैं। आवाज़ (हिन्दयुग्म) के सौजन्य से अब आप उनकी कालजयी रचनाओं को घर बैठे अपने कम्प्युटर पर सुन सकते हैं। आवाज़ की श्रंखला सुनो कहानी में हर शनिवार को प्रेमचंद की एक नयी कहानी का पॉडकास्ट किया जाता है जिसे आप सुविधानुसार कभी भी सुन सकते हैं। इन कहानियों को को स्वर दिये हैं शोभा महेन्द्रू, शन्नो अग्रवाल, शिवानी सिंह एवं अनुराग शर्मा ने। अभी तक प्रकाशित कुछ ऑडियो कथाओं के लिंक यहाँ हैं:
मंटो की "टोबा टेक सिंह" (अनुराग शर्मा)
मुंशी प्रेमचंद की 'समस्या' (अनुराग शर्मा)
'आत्म-संगीत' (शोभा महेन्द्रू और अनुराग शर्मा)
मंटो की एक लघुकथा (अनुराग शर्मा)
प्रेमचंद की 'बोहनी' (अनुराग शर्मा)
पंकज सुबीर की 'ईस्ट इंडिया कम्पनी' (अनुराग शर्मा)
पंकज सुबीर की "पलाश" (अनुराग शर्मा)
प्रेमचंद की 'मंदिर और मस्जिद' (श्रीमती शन्नो अग्रवाल)
मंटो की एक लघुकथा (अनुराग शर्मा)
प्रेमचंद की 'बड़े घर की बेटी' (श्रीमती शन्नो अग्रवाल)
प्रेमचंद की 'बोहनी' (अनुराग शर्मा)
पंकज सुबीर की 'ईस्ट इंडिया कम्पनी' (अनुराग शर्मा)
पंकज सुबीर की "पलाश" (अनुराग शर्मा)
कुर्रत-उल-ऐन हैदर की 'फोटोग्राफर' (नीलम मिश्रा)
प्रेमचंद की 'पत्नी से पति' (श्रीमती शन्नो अग्रवाल)
प्रेमचंद की 'ठाकुर का कुआँ' (डॉक्टर मृदुल कीर्ति)
प्रेमचंद की 'पुत्र-प्रेम'(श्रीमती शन्नो अग्रवाल)
प्रेमचंद की 'माँ'(श्रीमती शन्नो अग्रवाल)
प्रेमचंद की 'गुल्ली डंडा' (श्रीमती शन्नो अग्रवाल)
प्रेमचंद की 'दुर्गा का मन्दिर' (श्रीमती शन्नो अग्रवाल)
प्रेमचंद की 'आत्माराम' (श्रीमती शन्नो अग्रवाल)
प्रेमचंद की 'नेकी'(श्रीमती शन्नो अग्रवाल)
प्रेमचंद की 'मन्त्र' (श्रीमती शन्नो अग्रवाल)
श्रीलाल शुक्ल की 'काश'(शोभा महेन्द्रू)
प्रेमचंद की 'दूसरी शादी' (अनुराग शर्मा)
प्रेमचंद की 'पूस की रात' (श्रीमती शन्नो अग्रवाल)
प्रेमचंद की 'शादी की वजह' (अनुराग शर्मा)
प्रेमचंद की 'सौत' (श्रीमती शन्नो अग्रवाल)
प्रेमचंद की 'बंद दरवाजा' (अनुराग शर्मा)
प्रेमचंद की 'देवी' (अनुराग शर्मा)
प्रेमचंद की 'वरदान' (अनुराग शर्मा)
प्रेमचंद की 'कौशल' (अनुराग शर्मा)
प्रेमचंद की आधार (अनुराग शर्मा)
प्रेमचंद की उद्धार (अनुराग शर्मा)
प्रेमचंद की 'आख़िरी तोहफ़ा' (अनुराग शर्मा)
प्रेमचंद की कहानी 'पर्वत-यात्रा' (अनुराग शर्मा)
प्रेमचंद की अमर कहानी "ईदगाह" (अनुराग शर्मा)
प्रेमचंद की कहानी 'अमृत' (अनुराग शर्मा)
प्रेमचंद की कहानी 'अपनी करनी' (अनुराग शर्मा)
प्रेमचंद की कहानी 'प्रेरणा' (शोभा महेन्द्रू, शिवानी सिंह एवं अनुराग शर्मा)
प्रेमचंद की कहानी 'अनाथ लड़की' (अनुराग शर्मा)
कहानीः प्रेमचंद की 'अंधेर' (अनुराग शर्मा)
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